सीबीएसई रिजल्ट, बोर्ड परीक्षा परिणाम
आज मैं कोई भी कहानी या कविता नही लिख रही हूं। क्योंकि मैं कुछ भी होने से पहले मां हूं। और आज कल घर में बस रिजल्ट की बात हो रही है। तनाव की तो कोई बात नही पर अब और इंतजार नहीं हो पा रहा है रिजल्ट का। जैसा की आप सब को मालूम है इस बार दो एग्जाम हुए थे । फर्स्ट टर्म और सेकंड टर्म। फर्स्ट टर्म में बेटा 96.7 प्रतिशत नंबर पा चुका है। और सेकंड टर्म का पेपर भी बहुत ही अच्छा हुआ है। इस लिए विश्वास है परिणाम अच्छा नही बल्कि बहुत अच्छा आएगा। पर अब बेटा तो बच्चा है इंतजार अब हम दोनो से भी नही हो रहा है। बस मोबाइल उठाते ही हम तीनो बस रिजल्ट ही सर्च करते है।
पर बड़े ही दुख की बात है की इसका फायदा कई सारी न्यूज वेबसाइट उठा रही हैं। हेडलाइन में ऊपर ही लिखा दिखेगा रिजल्ट डिक्लेयर्ड चेक योर रिजल्ट। फिर जैसे ही ओपन करो पूरा पढ़ने का अनुरोध रहता है। जब लास्ट में जाओ तो लिख देते है अभी कोई निश्चित तिथि सीबीएसई ने नही बताई है।
ये सब पढ़ कर बड़ा दुख होता है। सिर्फ व्यू के लिए लोगों को बेवकूफ बनाना, उनके इमोशन से खेलना क्या ठीक है...?
अब ये निर्णय आप ही करें क्या ये सही है...? क्या इन्हें झूठ लिखने की स्वतंत्रता होनी चाहिए...? हम एक पैरेंट के तौर पर इस बात से थोड़ा सा झुंझला जाते है। और शायद हर माता पिता का यही हाल होता होगा।
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