कर्तव्य पथ

कर्तव्य पथ

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कर्तव्य पथ
ये कहानी है उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के एक छोटे से गांव सेमरी की। ये कहानी है एक लड़की के संघर्ष की। अनपढ़ होते हुए भी उसने जिस हिम्मत और हौसले से अपने जीवन के उतार चढ़ाव का सामना किया कि सब के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन गई। पांच भाई बहनों में सबसे बड़ी बभना ने पहला आघात झेला अपनी मां की मृत्यु का। पर अपने नन्हे कंधों पर उसने बिना किसी के समझाए, सारी जिम्मेदारियां बड़ी कुशलता से निभाई। ईश्वर ने उसके इसी तपस्या का प्रसाद दिया कि उसका ब्याह एक संपन्न घर में बिना दान दहेज के हो गया। वो उस घर की बड़ी बहू बन गई। पर क्या बभना इस सौभाग्य को भोग पाई..? आखिर वो कौन सा तूफान उसके जीवन में आया जिसने उसे एक स्त्री से देवी के आसन पर बिठा दिया। उस तूफान का सामना बभना ने कैसे किया..? तो आइए एक बार फिर चलते है आप सब को ले कर नायिका बभना के संघर्ष यात्रा पर। आप नायिका के दुख दुख, खुशी गम को अंदर से महसूस करें ऐसी कोशिश रहेगी मेरी। तो फिर चलिए… मेरे साथ बभना की संघर्ष यात्रा पर। “बभना” के जीवन के संघर्ष के आप सब भी सहयात्री बनिए।



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