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सोचा तुझसे बात करूं...!!🌼💖😍❣️❣️❣️

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सोचा तुझसे बात करूं…..💖😍 सोचा तुझसे बात  करूं  ख्वाहिश का इज़हार करूं तू  क्यूं तन्हा जीती है प्यार जो मुझसे करती है जो मेरी वो ख्वाहिश तेरी तो फिर इन्कार क्यूं करती है माना   कुछ  मजबूरी है अपने बीच जो दूरी हैं  मन की अपने बात तो कह  तन्हा ही ना सब कुछ सह  सिर्फ तू ही नहीं है मेरी  तेरी जिम्मेदारियां भी है मेरी क्या हुआ जो फर्ज तेरे बाकी है तेरे साथ ये साथी है

दिल की ज़रूरत।।💖😍

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दिल की जरूरत ना मेरी है ज्यादा बस थोड़ी खुशियां जरा सा सहारा चाहत ये दिल की मिले साथ तेरा ख्वाबों सा सुन्दर हो अपना बसेरा जरूरत नहीं है मुझे  गाड़ी बंगले की तेरे संग झोपड़ी में भी कर लूं गुजारा।...

rishton ki dhoop❤️❤️🌈🌈✨✨🌕

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  रिश्तों की धूप छांव भरी है जीवन की ये नांव जब हो धूप ना घबराओ, निश्चय ही मिलेगी तुम्हें छांव।....🌼🌼🌈🌈🌈❤️❤️

त्याग दो...।। 💔💔

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त्याग दो बेशक मुझे पर चैन तुम ना पाओगे रूह में हूं मैं तुम्हारी मुझ बिन जी न पाओगे हर सांस में हर सोच में हर शब्द में तेरी समाहित मैं ही हूं हर घड़ी ,हर दिन हर  महीने और साल में बिना शामिल मेरे ना होगा  कोई लम्हा तेरे ख्याल में छीनना जो चाहे खुदा उससे भी लड़ मैं जाऊंगी पर तेरी रूखाई को मैं सह ना पाऊंगी त्याग दो बेशक मुझे पर चैन तुम ना पाओगे। त्याग दो..💔

मै पागल हो जाऊं...🥰❣️🌼🌻

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तू लहराती है नदियां सी मैं देख दंग रह जाता हूं छूना चाहू पास से तुझको पर मन हीं मन घबराता हूं। मैं बन जाऊं मस्त पवन उड़ तेरी गलियों में आऊं छूकर तेरे बदन की खुशबू  मैं पागल हो जाऊं

रास्ता भटक गया हूं 💔💔🥺

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रास्ता भटक गया हूं मुझको एहसास है पर अपनी गलतियां भी क्या तुझे याद है नफरतों से अपनी मुझको नवाजा था चंदन बना कर मैंने माथे लगाया था।

मन 🌼🌻🌹🌟🌈✍️

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मन काग़ज़ की नाव तुझे पाने का इसे चाव तुम्हें पाने की चाहत में इसने खाए हैं कई घाव चाहे ये तेरी शीतल छांव अब ना भटकाओ *नीरजा* मुझको बांध ले अपनी ठांव।..🌈✍️

गुंजाइश तो रहती है..🌈🌈🌈✍️

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गुंजाइश तो रहती है कितना भी मुश्किल वक़्त हो अगर दृढ़ निश्चय कर लिया जाए तो राहें आसान हो जाती हैं। परिस्थितियां कैसी भी हो अपने मन में आशा की एक किरण को कभी बुझने नहीं देना चाहिए। मैं बचपन से ही लिखने का शौक रखती थी पर जिन्दगी की भाग दौड़ में ऐसे उलझी की कभी समय हीं नहीं मिला कि अपने इस शौक को पूरा कर पाती। एक कसक मन में रहती जब भी किसी का लिखा हुआ पढती तो अनेकानेक भाव मेरे मन में भी तैरने लगते । मैं इस बात को अपने अंदाज में इस तरह लिखती । पर फिर बात वहीं समाप्त हो जाती और मैं अपने डेली रूटीन में व्यस्त हो जाती ।   फिर अचानक ही से हम सब की जिंदगी में एक ऐसे वायरस ने  दस्तक दी और सब कुछ बदल गया सब कुछ बंद हो गया स्कूल ,कालेज ,आफिस सब बंद हो गया।पर ये अनचाही छुट्टी कुछ ही दिनों में बोझ बनने लगी। बच्चों को अपने स्कूल की आन लाइन पढ़ाई-लिखाई पसंद नहीं आ रही थी मैंने एक दिन बच्चों को प्रेरित करने के लिए चार लाइन सुनाई वो लाइनें उन्हें इतनी अच्छी लगी ,कहने लगे कहा से पढ़ा फिर जब मैंने बताया खुद से बनाईं है फिर तो उनकी जिद हो गई और लिखो । इस तरह मुझे भी कुछ अपने मन का करना अच्छा...

मै बादल बन जाऊं….☁️🌨️⛈️⚡🌈⭐

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follow me on..👇  मै बादल बन जाऊंं और  तेरी गलियों में आऊं  तेरे तपते तन मन पे  रिमझिम सावन बरसांऊ...✍️